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Thursday, September 10, 2015

बैंक में सोना जमा करने पर मिलेगा ब्याज

कोटा। घरों में रखे सोने को बाहर निकालने के लिए कैबिनेट ने गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम को मंजूरी दे दी है। इसका असर ज्वैलरी की कंपनियों के स्टॉक्स पर देखने को मिल रहा है। खासकर गितांजली जेम्स, राजेश एक्सपोर्ट्स, रेनासा ज्वैलरी, श्री गणेश ज्वैलरी, टीबीजेड और पीसी ज्वैलर में 15 फीसदी तक का उछाल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में गोल्‍ड मोनेटाइजेशन और सॉवरेन गोल्‍ड बांड स्‍कीम को अनुमति दी गई। आम आदमी से लेकर मंदिर, ट्रस्‍ट और बड़े बिजनेसमैन गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकेंगे।
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट ने बताया कि गोल्‍ड बांड स्‍कीम के तहत एक्‍चुअल सोना खरीदने की जरूरत नहीं होगी। यह भारत सरकार की ओर से रिजर्व बैंक जारी करेगा। इसकी बिक्री भारतीय इकाइयां ही कर सकेंगी, एक व्‍यक्ति एक साल में 500 ग्राम से अधिक सोना नहीं खरीद सकेगा। इस पर ब्‍याज की गणना समय-समय पर की जाएगी। इसका रिडम्‍पशन भी पोस्‍ट ऑफिस, बैंक, एनबीएफसी में होगा, जिसे पहले से अधिकृत किया जाएगा।
वित्‍त मंत्री जेटली ने बताया कि गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत जिन लोगों के पास गोल्‍ड बेकार पड़ा है, वो बैंक के पास इसे जमा कर सकते हैं। यह शार्ट, मीडियम और लांग टर्म के लिए होगा। इस बेकार पड़े सोने को बैंकिंग सिस्‍टम में डालने से देश को भी फायदा होगा और इस पर ब्‍याज भी मिलेगा।
गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम पर टैक्स मिलेगी छूट
गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के तहत टैक्स छूट मिलेगी, लेकिन इसको सीआरआर का हिस्सा नहीं बनाया गया है। स्कीम के तहत गोल्ड जमा करने पर 2.5 फीसदी की दर से ब्याज मिल सकता है। गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के तहत ब्याज दर समय-समय पर वित्त मंत्रालय और आरबीआई मिलकर तय करेंगे। इस स्कीम के तहत सोने की ईंट, सोने का बार और सोने के सिक्के जमा करने की छूट होगी।
एक साल में कर सकते हैं 500 ग्राम तक सोना जमा
सूत्रों के अनुसार गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्कीम में 500 ग्राम तक सोना जमा करने पर कस्टमर को किसी तरह की रसीद नहीं देने की सुविधा दी जा सकती है। अधिकारी के अनुसार बैंक के तरफ से यह सुझाव आया है कि ज्यादातर लोग सोने की खरीदारी पर रसीद नहीं लेते हैं। ऐसे में इस तरह की सुविधा देनी चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग स्कीम से जुड़ सके। ऐसे कस्टमर से केवल एड्रेस प्रूफ के साथ सेल्फ डिक्लेयरेशन लेने की जरूरत होगी। जबकि 500 ग्राम से ज्यादा सोना जमा करने पर खरीदारी की रसीद के साथ पैन कार्ड आदि लेने का विकल्प देना चाहिए। अधिकारी के अनुसार इस प्रावधान को लागू करने से ज्यादा से ज्यादा लोग स्कीम से जुड़ेंगे।
मंदिर और ट्रस्ट से सेल्फ सर्टिफिकेशन
एक अनुमान के मुताबिक भारत में मंदिर , ट्रस्ट और लोगों के घरों में करीब 24 हजार टन सोना पड़ा है। अधिकारी के अनुसार इसे स्कीम से जोड़ने के लिए जरूरी है, कि मंदिर, ट्रस्ट का भरोसा हासिल किया जाय। इसे देखते हुए उनके द्वारा जमा किए गए सोने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है। जिससे वह आसानी से स्कीम से जुड़ सकें।