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Friday, August 21, 2015

दाम घटने से कोटा से डीओसी का निर्यात हुआ बंद


दिनेश माहेश्वरी
 कोटा। विदेशों में दाम घटने से पिछले एक साल से शहर के सोया प्लांटों से डीओसी (सोया खली)का निर्यात पूरी तरह बंद है। चालू वित्त वर्ष 2015-16 जुलाई तक देश से डीओसी का निर्यात 86 फीसदी घटकर केवल 18 हजार 410 टन का ही हुआ है। उधर खाद्य तेल के दाम भी नीचे चल रहे हैं इससे सोया प्लांटों की हालत खस्ता है। प्लांट संचालकों का कहना है कि सरकार यदि प्लांटों की स्थिति सुधारना चाहे तो 45 प्रतिशत तक इंपोर्ट ड्यूटी लगा सकती है। इससे बाहर के तेल के दाम महंगे होंगे तो देश में भी तेल की हालत सुधरेगी। 
कंटेनर डिपो के मैनेजर प्रशांत देहलान का कहना है कि यहां से हर साल 1000 कंटेनर निर्यात के लिए भेजे जाते थे। कुछ इंडस्ट्री वाले रेलवे के रैक के जरिए भी डीओसी भेजा करते थे। औसतन महीने के 100 कंटेनर हो जाते थे। परन्तु अंतरराष्ट्रीय बाजार डीओसी के दाम नहीं बढ़ने से स्थानीय प्लांट संचालकों ने बाहर डीओसी भेजना बंद कर दिया है। वहीं शिव एडिबल के डायरेक्टर बजरंग कुमार साबू बताते हैं कि घरेलू बाजार में कीमतें ऊंची होने के साथ ही विश्व बाजार में दाम नीचे है जिससे सोया खली का निर्यात घटकर जुलाई महीने में न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। वर्तमान में हमारे यहां की डीओसी के रेट में और अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 4000 रुपए प्रति टन का फर्क है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीओसी यानी 36 हजार 617 रुपए प्रति टन के आसपास है। देश में इसकी कीमत 31 हजार रुपए प्रति टन के आसपास है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ें या फिर सरकार आयातित तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए। वर्तमान में 7.5 प्रतिशत है। सरकार इसे 45 प्रतिशत तक बढ़ा दे तो बाहर के आयातित तेल महंगे होंगे। इससे हमारे यहां के खाद्य तेलों के दाम भी बढ़ सकेंगे। 
चार माह में 35 फीसदी गिरा निर्यात 
साल्वेंटएक्सट्रैक्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार जुलाई महीने में देश से केवल 18 हजार 410 टन खली का ही निर्यात हुआ है जबकि पिछले साल जुलाई महीने में 1 लाख 32 हजार102 टन खली का निर्यात हुआ था। जुलाई में देश से केवल 928 टन सोयाबीन खली का निर्यात ही हुआ है। अप्रैल से जुलाई के दौरान खली के निर्यात में 35 फीसदी की गिरावट आकर कुल निर्यात 4 लाख 92 हजार 86 टन का ही हुआ है,जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7 लाख 57 हजार 907 टन खली का निर्यात हुआ था। भारतीय बंदरगाह पर सोया खली के भाव घटकर जुलाई में 507 डॉलर प्रति टन रह गए जबकि जून महीने में इसके भाव 553 डॉलर प्रति टन थे।