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Saturday, April 12, 2014

नया सैमसंग गैलेक्सी एस5 लांच

सैमसंग के गैलेक्सी स्मार्टफोन का नवीनतम संस्करण एस5 शुक्रवार को वैश्विक बाजार में पेश किया गया। कंपनी को अपने इस बहुत सारी खूबियों वाले स्मार्टफोन गैलेक्सी एस5 से काफी उम्मीदें हैं। एस5 की समीक्षा से निष्कर्ष निकलता है कि यह बाजार में सबसे उम्दा फोन्स में से एक है, लेकिन गैलेक्सी सीरीज के पूर्व के स्मार्टफोन एवं प्रतिस्पर्धी कंपनियों के फोन से अलग इसमें ऐसी कोई बहुत खास बात नहीं है। उल्लेखनीय है कि सैमसंग अपनी मोबाइल फोन इकाई के बल पर हाल के वर्षों में अच्छा मुनाफा कमा रही है और पिछले साल दुनियाभर में बिके सभी स्मार्टफोन में सैमसंग की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक रही, जो एप्पल के मुकाबले करीब दोगुनी है।

Sunday, April 6, 2014

मोबाइल के ज्यादा उपयोग से नपुंसक होने का खतरा

दिनेश माहेश्वरी
कोटा।
यूं तो मोबाइल के नुकसान को लेकर कई सर्वे आ चुके हैं और ये भी साबित भी हो चुका है कि मोबाइल और इस जैसी डिवाइस का इस्तेमाल बेडरूम में रिश्ते में दरार ला सकता है। ले‌किन एक नई स्टडी में कई हैरान करने वाली चीजें सामने आई है। स्टडी के मुताबिक, मोबाइल ना सिर्फ स्वास्‍थ्य के लिए खतरनाक है बल्कि पुरुषों को भी नपुंसक बना सकता है।
डेली मेल पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, यदि पुरुष दिनभर में 4 घंटे से ज्यादा मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करते है उनमें नपुंसकता का खतरा बढ़ जाता है उनकी तुलना में जो दो घंटे इसका इस्तेमाल करते हैं। इस सर्वे के लिए शोधकर्ताओं ने दो ग्रुप बनाए A और B। पहले ग्रुप में बीस लोग शामिल थे ये ऐसे लोग थे जो इरेक्टाइल डिफंकशन के शिकार थे। दूसरे ग्रुप B में दस स्वस्थ लोगों को रखा गया। हर प्रतिभागी को सेक्सुअल हेल्थ इन्वेंटरी फॉर मेन (SHIM) करने के लिए कहा गया और उनका परीक्षण इंटरनेशनल इरेक्टाइल फंक्शन के आधार पर किया गया। इसी दौरान उनकी फ़ोन की आदत का भी सर्वे किया गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि दोनों ग्रुप के लोगों कि उम्र, लम्बाई और सिगरेट पीने की आदतों में असमानता थी। दोनों ग्रुप के प्रतिभागियों का टेस्टोस्टेरोन लेवल एक जैसा था। सभी तीस लोग फोन पर बराबर बात करते थे। लेकिन इनमें जो फर्क था वो था मोबाइल को स्विच ऑन या ऑफ रखना, मोबाइल कितनी देर हाथ में है या फिर जेब में है या हाथ में। इरेक्टाइल डिफंक्‍शन के शिकार लोग 4.4 घंटे मोबाइल को अपने पास रखते थे जबकि ग्रुप B के लोग 1.8 घंटे।शोधकर्ताओं ने परिणामों में पाया कि मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल से स्पर्म पर उसका असर पड़ता है साथ ही संतानोपत्ति पर।
सेंट्रल यूरोपियन जर्नल ऑफ़ यूरोलॉजी के अनुसार आज के समय में मोबाइल फोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होता है। यही बात एन्वायमेंटल हेल्थ ट्रस्ट के न्यूज़लेटर में भी छपी है।