Monday, July 20, 2015

वोडाफोन कम्पनी की उपभोक्ताओं के साथ चीटिंग

कोटा।  वोडाफोन कंपनी पिछले कुछ समय से ग्राहकों के साथ पोस्ट पेड कनेक्शनों के बिलों में अनाप-शनाप राशि जोड़कर चीटिंग कर रही है। हर 10 में से तीसरे उपभोक्ता की यही शिकायत है। इतना ही नहीं कंपनी उपभोक्ता को तय लिमिट से ज्यादा के बिल देने में भी नहीं चूक रही है। शिकायत करने पर कंपनी के अधिकारी मानने को ही तैयार नहीं है।
 हाल ही में कई ग्राहकों ने बताया कि उनके बिलों में जब तक कम राशि लग के आ रही थी, पता ही नहीं चला। जब बिल सैकड़ों की जगह हजारों में आने लगे तो उपभोक्ता चौंक गए। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता के आईएसडी यूज करने पर ही उसका चार्ज लगाते हैं। बिना उसके नहीं। एवरग्रीन मोटर्स के संचालक राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि उनके स्टाफ में हर महीने दो तीन के बिल में आईएसडी कॉल का चार्ज लग के आ जाता है। शिकायत करने के बाद में फिर हटाया जाता है। इसी तरह एक निजी कंपनी में काम करने वाले आशीष ने बताया कि उनके भी बिल में दो माह पूर्व एक आईएसडी कॉल लगी हुई थी। जबकि उन्होंने कभी आईएसडी नहीं की।
 लिमिट से ज्यादा बिल
मेरा नंबर 9672930035  है. यह पोस्टपेड कनेक्शन दैनिक भास्कर की तरफ से दिया गया है।  वोडाफोन कम्पनी हर माह मेरे बिल में जाने कब से आई एस डी कॉल जोड़े जा रही थी।  मुझे तो जब पता लगा तब बिल की लिमिट 1100 रुपए होने के बाद भी  कंपनी ने  3600 रुपए का बिल दे दिया। हमेशा 500-600 रुपए का बिल आता था। इस बार जून का बिल इतना ज्यादा देखकर हैरानी हुई तो कंपनी के स्टोर पर संपर्क किया। कंपनी के अधिकारी मानने को तैयार नहीं। अब कंपनी ने मेरा  मोबाइल नंबर पूरी तरह से बंद कर दिया। मैं हमेशा की तरह  वह बिल भी भर देता है। परन्तु इतनी बड़ी राशि का बिल आने पर चौंकना स्वाभाविक है। इस मामले में मैंने स्थानीय स्टोर के मैनेजर से लेकर कम्पनी के सी एम डी तक से  संपर्क  किया परन्तु कोई मानने को तैयार नहीं। एक स्थानीय अधिकारी ने बिल में 800 रूपये कम करने की बात कही है।  मैंने कहा जब आई एस डी call की ही नहीं तो मैं क्यों बिल भरूं।

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