Wednesday, February 8, 2017

कालाधन माफी वाली पीएमजीकेवाई में टुकड़ों में जमा कर सकेंगे पैसा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के अंतर्गत बेहिसाबी नकदी की घोषणा करने वाले 31 मार्च तक चार साल के कोष में कुल राशि का अनिवार्य 25 फीसद हिस्सा टुकडों में जमा करा सकेंगे।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना सरकार की ओर से लाई गई नई कालाधन माफी योजना है और इसके जरिए सरकार ने कालाधन रखने वालों को आखिरी मौका दिया है।
क्या कहती है योजना:
इस योजना के अंतर्गत कालाधन रखने वालों को आखिरी मौका दिया गया है। नोटबंदी के बाद बैंक खातों में जमा कराई गई बेहिसाबी नकदी पर 50
फीसद कर चुका कर बचा जा सकता है। मार्च के अंत तक ऐसे लोग इस योजना में निवेश कर सकेंगे। पीएमजीकेवाई के तहत कालेधन की घोषणा करने वालों को कुल राशि का 25 फीसदी चार साल तक बिना ब्याज वाले खाते में जमा कराना होगा।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किया गया बयान:
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, “सरकार ने घोषणा करने वाले लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, 2016 के तहत एक या अधिक बार जमा कराने की अनुमति दी है।
” कैसे मिलेगा योजना का फायदा:
इस योजना के अंतर्गत टैक्स का भुगतान पहले करना होगा और टैक्स की रसीद दिखाकर योजना का लाभ उठाया जाएगा। इसके ठीक उलट पिछली आय घोषणा योजना और अन्य ऐसी योजनाओं में घोषणा पहले करनी होती थी और टैक्स की वसूली बाद में की जाती थी। गौरतलब है कि पीएमजीकेवाई योजना 17 दिसंबर को शुरू हुई है और यह 31 मार्च, 2017 तक खुली रहेगी। यह योजना कराधान कानून (दूसरा संशोधन) कानून, 2016 का ही हिस्सा है, जिसे लोकसभा में 29 नवंबर को मंजूरी मिली थी।

Tuesday, February 7, 2017

'बद्रीनाथ की दुल्हनियां' का पहला गाना हुआ रिलीज

चंद दिन पहले ही आलिया भट्ट और वरुण धवन की 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' का मजेदार ट्रेलर रिलीज हुआ था और थोड़े ही समय में इसे लाखों लोग इसे देख चुके थे। अब इस फिल्म का टाइटल ट्रेक जारी हुआ है।वरुण और आलिया की जोड़ी पहले दो फिल्मों 'स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर' और'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' में दिख चुकी है। अब यह जोड़ी फ़िल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनियां' में भी नज़र आने वाली है।
ट्रेलर तो आपने देख ही लिया होगा...अब तैयार हो जाइए इसके पहले गाने के लिए।'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' का टायटल ट्रैक रिलीज हो गया है। इसमें वरुण की नॉटी नजरिया टिकी है अपनी दुल्हनिया आलिया पर। होली के माहौल में फिल्माया गया यह गाना आपको 1966 के गाने 'पिंजरे वाली मुनिया' की याद दिलाएगा! 60s के इस गाने को नेहा कक्कर, देव नागी और मोनाली ठाकुर ने अपनी आवाज़ से नए दौर का तड़का दिया है।'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' फ़िल्म को डायरेक्ट कर रहें हैं शशांक खेतान जो 10 मार्च को रिलीज़ हो रही है। वैसे ट्रेलर को अगर आपने ध्यान से सुना होगा तो इस फ़िल्म में कई पुराने गानों का रीमेक किया गया है। अब देखते हैं कब और कैसे सारे गानों को रिविल किया जाएगा तब तक यहां देखिये बद्रीनाथ का टायटल ट्रैक और तैयार हो जाइए इस होली गाने पर नाचने के लिए...


Monday, February 6, 2017

3 लाख से ज्यादा कैश लेने पर लगेगा 100% जुर्माना

कालेधन पर लगाम लगाने की कोशिशों के बीच अब तीन लाख रुपये से अधिक का कैश स्वीकार करने वालों को भारी जुर्माना देना पड़ेगा। इसकी शुरुआत एक अप्रैल से होगी। बजट 2017-18 में तीन लाख रुपये से अधिक के कैश लेनदेन पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि जो व्यक्ति जितनी राशि कैश में स्वीकार करेगा उसे उसके बराबर ही जुर्माना देना होगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा,

यदि आप चार लाख रुपये कैश स्वीकार करते हैं तो आपको चार लाख रुपये का ही जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना उस व्यक्ति पर लगेगा जो नकद स्वीकार करेगा। अधिया ने कहा कि यदि आप कैश में कोई महंगी घड़ी खरीदते हैं तो दुकानदार को यह टैक्स देना होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान लोगों को बड़ी राशि के नकद लेनदेन से रोकने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद खातों में ब्लैक मनी आया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने 2017-18 के बजट में आयकर कानून में धारा 269 एसटी जोड़ने का प्रस्ताव किया है। इसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति एक दिन में किसी एक व्यक्ति से एकल लेनदेन या किसी एक मामले अथवा मौके पर तीन लाख रुपये से अधिक की नकदी स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि, यह अंकुश सरकार, किसी बैंकिंग कंपनी, डाकघर बचत खातों या सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगा।

Saturday, February 4, 2017

10 से ज्यादा पुराने नोट रखने पर देना होगा जुर्माना

केंद्र सरकार की ओर से अमान्य करार दिए गए पुराने 500 और 1000 रुपये के 10 से ज्यादा नोटों को रखने पर आपको कम से कम 10,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से लोकसभा में पेश किए गए नोटबंदी विधेयक में यह प्रस्ताव है। बिल के मुताबिक 'समानांतर अर्थव्यवस्था चलने की संभावना' को रोकने के लिए यह प्रावधान जोड़ा गया है। यह विधेयक 30 दिसंबर को नोटबंदी को लेकर जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेगा।
इस विधेयक में 9 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान देश से बाहर रहने वाले लोगों की ओर से गलत घोषणा पर न्यूनतम 50 हजार रुपये के फाइन का भी प्रस्ताव है। आरबीआई ने ऐसे लोगों को 31 मार्च तक पुराने नोट केंद्रीय बैंक की शाखाओं में जमा कराने की छूट दी है। एक बार संसद से इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद किसी व्यक्ति के पास यदि 10 से ज्यादा पुराने नोट पाए जाते हैं तो उस पर 10,000 रुपये या पाई गई राशि का 5 गुना तक, जो अधिक होगा, जुर्माना हो सकता है। हालांकि रिसर्च या स्टडी के मकसद से 25 नोट रखे जा सकते हैं।
विनिर्दिष्ट बैंक नोट (देनदारियों की समाप्ति) विधेयक, 2017 सरकार और रिजर्व बैंक की पुराने नोटों के प्रति जवाबदेही को समाप्त करता है।

15 लाख से ज्यादा कैश रखने पर लगेगा बैन

ब्लैकमनी पकड़ने के लिए सरकार ने अब 'स्वच्छ धन अभियान' शुरू किया है। इस अभियान के तहत बजट में 3 लाख रुपये से ज्यादा के कैश लेनदेन पर बैन लगाने का ऐलान किया गया है। अब सरकार ब्लैक मनी पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की दूसरी सिफारिश को अमलीजामा पहनाने जा रही है। सरकार जल्द ही 15 लाख रुपये से ज्यादा कैश रखने पर बैन लगाने का ऐलान कर सकती है।
इस मामले में सरकार का कहना है कि जब 3 लाख रुपये से ज्यादा के कैश लेनदेन पर बैन लागू हो जाएगा तो ज्यादा कैश रखने का कोई लॉजिक नहीं रह जाता। सारा काम तो डिजिटल पेमेंट के जरिए ही होगा। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, फाइनैंस बिल पास होने के बाद 3 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर बैन लागू हो जाएगा। इसके बाद सरकार इस तरफ अगला कदम उठाएगी।
सरकार ने इस मामले में इंडस्ट्री के लोगों से बातचीत शुरू कर दी है। हालांकि, 3 लाख रुपये से ज्यादा के कैश लेनदेन का विरोध व्यापारियों के कुछ गुटों ने किया है। सरकार नहीं चाहती कि 15 लाख रुपये से ज्यादा कैश रखने के फैसले की घोषणा के बाद इसका किसी प्रकार विरोध हो। हालांकि, आरंभिक स्तर पर कई इंडस्ट्रीज ने कैश लिमिट बढ़ाने की अपील की है। इनका कहना है कि कारखाना चलाने वालों को अपने मजदूरों को दिहाड़ी आधार पर पेमेंट करना होता है। इसके अलावा मजदूरों को बीच-बीच में पैसे भी देने होते हैं। ऐसे में 15 लाख रुपये की कैश लिमिट कम है और इसको बढ़ाना चाहिए।
रिटेल कारोबारियों ने कैश रखने की लिमिट रखने को लेकर एक छूट भी मांगी है। उनका कहना है कि अगर एक दिन का कारोबार 15 लाख रुपये से ज्यादा चला गया तो वे इसको कहां ले जाएंगे। अगर सरकार 15 लाख रुपये की कैश रखने की लिमिट तय करती है तो उसे रिटेल कारोबारियों के लिए विशेष छूट देनी चाहिए। कारोबारियों को सेल के आधार पर कुछ दिनों तक 15 लाख या उससे ज्यादा रखने की छूट दी जाना चाहिए। इस बात पर वित्त मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का कहना है कि कारोबारियों को सेल बढ़ने की बात को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बैंक इस मामले में पूरा सहयोग करेगा। कारोबारी एक तय समय की बिक्री राशि बैंकों में जमा करा सकते हैं। इसमें उनको किसी प्रकार की समस्या नहीं आएंगी।
इस मामले में सरकार एक अहम काम यह भी करने जा रही है कि अगर आपके पास 15 लाख रुपये से ज्यादा कैश मिलेगा तो उसे बेनामी माना जाएगा और कार्रवाई भी बेनामी कानून के तहत की जाएगी, जिसमें जेल का भी प्रावधान किया गया है। इनकम टैक्स विभाग के एक उच्चाधिकारी के अनुसार जिस राशि का आप हिसाब-किताब नहीं दे सकते, वह विभाग की नजर में बेनामी है। ऐसे में जो भी कड़ा कानून होगा उसके तहत कार्रवाई की जाएगा। इधर, वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि सरकार चाहती है कि सिस्टम्स में ब्लैक मनी खत्म हो जाए। इसके लिए सब तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। इनकम टैक्स विभाग पूरी तरह से ब्लैक मनी को पकड़ने में लगा है।

Thursday, February 2, 2017

 IT रिटर्न में देरी पर लगेगी इतनी लेट फीस

आम बजट पेश करते हुए अरुण जेटली ने छोटे करदाताओं को राहत देते हुए कहा कि पहली बार आईटी रिटर्न भरने वालों को एक साल तक स्क्रूटिनी से छूट मिलेगी। साथ ही 5 लाख तक की आय वाले करदाता केवल एक पन्ने का फॉर्म भरकर आईटी रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। लेकिन, रिटर्न में देरी होने पर लेट फीस जरूर भरनी होगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि आईटी रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट के बाद अगर रिटर्न भरा जाता है तो लेट फीस के तौर पर 5,000 रुपये भरने होंगे। लेकिन, अगर यह देरी 31 दिसंबर से भी लंबी खिंचती है तो यह लेट फीस 10,000 रुपये होगी। हालांकि, जिन लोगों की कुल आय 5 लाख से ऊपर नहीं है, उनके लिए बजट में राहत दी गई है और उनको लेट फीस के रूप में अधिकतम 1,000 रुपये ही भरने होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश के जीडीपी अनुपात की तुलना में भारत का टैक्स कलेक्शन बेहद कम है। असंगठित क्षेत्र में करीब 4.2 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें से 1.74 करोड़ लोग रिटर्न फाइल करते हैं। असंगठित क्षेत्र और छोटे बिजनस करने वाले 5.6 करोड़ लोगों में से महज 1.81 करोड़ लोग ही रिटर्न फाइल करते हैं। टैक्स भुगतान अनुकूलन और बेहतर टैक्स प्रबंधन के लिए करदाताओं से जुड़ी जानकारियों के असरदार उपयोग के लिए यह बेहद जरूरी है कि रिटर्न तय तारीख तक फाइल कर दिए जाएं।

सर्विस चार्ज  खत्म होने के बाद भी महंगा ई-टिकट

केंद्र सरकार की ओर से आम बजट में ई-रेल टिकट पर लगने वाले सर्विस टैक्स को खत्म किए जाने के बाद भी यह खिड़की से मिलने वाले टिकट के मुकाबले महंगा रहेगा। यही नहीं ई-टिकट लेने पर ऐसी कई अन्य सुविधाएं भी यात्रियों को नहीं मिल पाएंगी, जो खिड़की से टिकट खरीदने पर मिलती हैं। मालूम हो कि 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद सरकार ने 'डिजिटल लेनदेन' को बढ़ावा देने के मकसद से ऑनलाइन रेल टिकट लेने पर लगने वाले सर्विस टैक्स पर 22 नवंबर से 31 मार्च तक के लिए रोक लगा दी थी।
आईआरसीटीसी के जरिए स्लीपर टिकट बुक कराने पर 20 रुपये और वातानुकूलित श्रेणी में 40 रुपये सर्विस टैक्स देना पड़ता था। केंद्र वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा बुधवार को पेश किए गए आम बजट में किए गए प्रावधानों के जरिए ऑनलाइन टिकट कराने पर लगने वाले सर्विस टैक्स को खत्म कर दिया गया है। इस फैसले को रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत करार दिया जा रहा है। यहां बताना लाजिमी होगा कि खिड़की और ऑनलाइन रेल टिकट कराने पर सिर्फ सर्विस टैक्स का ही फर्क नहीं होता, बल्कि कई बैंकों को टॉजेक्शन चार्ज 10 रुपये भी देना होता है।
खिड़की से टिकट कराने पर मिलने वाली सुविधाएं भी ऑनलाइन टिकट में नहीं मिलती हैं।  लंबी दूरी की यात्रा के लिए दो गाड़ियों के ऑनलाइन टिकट बनवाने पर दो बार आरक्षण शुल्क लगता है और टेलिस्कोपिक यात्रा का रियायती लाभ भी नहीं मिलता।