Tuesday, October 27, 2015

मजीठिया वेज बोर्ड : जानिए नया डीए

साथियों, मजीठिया के अनुसार जुलाई 2015 से दिसंबर 2015 तक का नया डीए 87/167 है। इससे पहले जनवरी 2015 से जून 2015 तक का डीए 80/167 था। सभी ग्रेड के समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में डीए की गणना एक सी होती है। डीए के इस 7 अंक के अंतर से आपके वेतन पर क्‍या फर्क पड़ता है यह हम आपको निम्‍न उदाहरण से बता रहे हैं...
जून 2015
Basic - 20,000 रुपये
DA - 12,934
PF - 4,792
Gross Salary Rs. 61,826
जुलाई 2015
Basic - 20,000 रुपये
DA - 14,066
PF - 4,928
Gross Salary Rs. 63,094
अंतर पड़ा
DA में 1132
PF में 136 रुपये (इसमें कंपनी का PF मिलाकर यह राशि 272 रुपये हो जाएगी।)
Gross Salary में Rs. 1,268
उपरोक्‍त उदाहरण ग्रेड ए और बी के समाचार-पत्रों का है. इसमें VA, HRA, TRA, MED और Night Allowance नहीं दर्शाया है। साथियों, आप इन छोटी-छोटी बातों का भी ध्‍यान रखें, ज्‍यादातर साथी इन मामलों में अति लापरवाह होते हैं और इनको संभाल कर नहीं रखते।
1. सैलरी स्लिप और बैंक स्‍टेटमेंट को संभाल कर रखें।
2. यदि आपको सैलरी स्लिप नहीं मिलती है और वेतन के रुप में चैक मिलता है तो उसकी फोटो कापी करवा कर उसे संभाल कर रखें।
3. वेतन से संबंधित अन्‍य कोई भी दस्‍तावेज।
4. Appointment Letter या ऐसे दस्‍तावेज जो आपको कंपनी का कर्मचारी साबित करते हैं।
5. समय-समय पर होने वाली वेतन बढ़ोतरी या पदो‍न्‍नति से संबंधित दस्‍तावेज।
6. सैलरी स्लिप पर दिखने वाले वेतन के अलावा मिलने वाले लाभ से संबंधित अन्‍य दस्‍तावेज।
7. इनके अलावा भी यदि कोई अन्‍य दस्‍तावेज, जैसे ओवर टाइम, EL encashment आदि से संबंधित।
साथियों हम आपको इसके बारे में इसलिए सावधान कर रहे हैं, क्‍योंकि जब भी आपके यहां मजीठिया लागू होगा, तब यह आपके बेहद काम आएंगे। वो इसलिए की ज्‍यादतर समाचार-पत्र और पत्रिकाएं चोर रास्‍ते से कहां आपके लाभों पर सेंध लगा देंगी यह आपको पता भी नहीं चलेगा। यदि आपके पास अपने पूरे दस्‍तावेज होंगे तो यह उस वक्‍त बेहद काम आएंगे। साथियों, हम आपसे एक बार फि‍र से अनुरोध करते हैं कि कंपनियों के दबाव में आकर किसी भी दस्‍तावेज पर हस्‍ताक्षर नहीं करिए, विशेषतौर पर ब्‍लैंक दस्‍तावेजों पर। कोई भी कंपनी आपको कितना भी तंग कर लें, परंतु मजीठिया वेजबोर्ड के लाभों से वंचित नहीं कर सकती।
मजीठिया के अनुसार नया वेतनमान और एरियर राशि निकालते वक्‍त बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है, इसमें जरा सी चूक आपको कई हजार या लाख रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है। जहां तक हम समझते हैं कुछ मामलों में छोड़ कर इसको निकलवाने की अभी सभी साथियों को जरूरत नहीं है। जिन साथियों को इसकी आवश्‍यकता है वह इसके लिए पीटीआई, टि्ब्‍यून, नवभारत आदि की यूनियनों से मदद ले सकते हैं। यहां पर मजीठिया वेजबोर्ड लागू है। यहां से आपको निस्‍वार्थ भाव से मदद मिल सकती है।

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