Saturday, June 4, 2016

सोलर वाटर पंप एवं घरेलू लाइटिंग पर सब्सिडी

 दिनेश माहेश्वरी। कोटा 
 सरकार की ओर से खेती में सिंचाई के लिए सोलर वाटर पंप लगाने एवं घरेलू सोलर लाइटिंग के लिए सब्सिडी की स्कीम दी जा रही है। स्वरोजगार की दिशा में यदि कोई डेयरी लगाना चाहे तो इस पर भी सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। यह जानकारी शुक्रवार को एक होटल में आयोजित कार्यशाला में जयपुर से नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक एसके वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि सोलर वाटर पंप पर दो से 10 हॉर्स पावर तक 44 हजार से 1.94 लाख रुपए की सब्सिडी है। गांवों में जहां बिजली की समस्या है, वहां पर सोलर वाटर पंप का उपयोग कर खेतों एवं बगीचों में सिंचाई की जा सकती है। इसी तरह सरकार की ओर से घरों में सौर उर्जा प्लांट या लाइटिंग लगाने पर सब्सिडी है। 40 वाट तक 160 रुपए प्रति वाट और 40 से 300 वाट तक 100 रुपए प्रति वाट की सब्सिडी का प्रावधान है। इसमें भी सौर उर्जा से एलईडी बल्ब पर सब्सिडी है। सोलर पावर के लिए राजस्थान के लिए 50 लाख का बजट है।
 वर्मा ने बताया कि विश्व में दूध उत्पादन के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है। कृषि के बाद देश में सबसे ज्यादा रोजगार डेयरी व्यवसाय में है। कोई क्लीन मिल्क का प्लांट लगाना चाहे तो उसे जनरल केटेगरी में 25 प्रतिशत और एसटी एससी में 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। दूध के वेल्यु एडेड उत्पाद तैयार कर कोई भी अच्छा मुनाफा कमा सकता है। दूध 40 रुपए लीटर है जबकि इसी घी बनाकर बेचें तो 400 रुपए लीटर मिलेंगे। चीज 600 रुपए किलो बिकता है। इसलिए डेयरी व्यवसाय मुनाफे का सौदा है। इसमें एक परिवार से एक व्यक्ति को ही सब्सिडी का प्रावधान है।
 एग्री बिजनेस के बारे में नोडल अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि कृषि स्नातकों को इसमें स्वरोजगार के अनेक अवसर हैं। कृषि स्नातकों के लिए इसमें कोई आयु सीमा नहीं है वे प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार अपना सकते हैं। कार्यक्रम के पहले भू विज्ञान विभाग के सीनियर हाइड्रो जियो लोजिस्ट वीएम भावे ने भू जल संरक्षण एवं एवं पुनर्भरण के बारे में जानकारी दी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजीव दायमा ने बैंकर्स से सरकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। कार्यशाला में बैंकर्स, किसान एवं एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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