Friday, April 4, 2014

8 अप्रैल के बाद एटीएम हो सकते हैं हैक

दिनेश  माहेश्वरी
कोटा। एक महीने से भी कम समय में दुनिया के अधिकतर एटीएम और काफी बड़ी संख्या में कम्प्यूटर बेस्ड इंडस्ट्रियल कंट्रोल सिस्टम को हैक करना हैकरों के लिए आसान हो सकता है। आपको यह जानकर काफी हैरानी हो सकती है कि दुनियाभर के लगभग 95 प्रतिशत एटीएम विंडोज एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज एक्सपी के लिए सपोर्ट खत्म होते ही हैकरों का पहला टारगेट एटीएम हो सकते हैं, जिससे 95 प्रतिशत एटीएम के लिए हैकिंग और वायरस का खतरा काफी अधिक बढ़ जाएगा। 8 अप्रैल से माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अपडेट देना बंद कर देगा, जिसे 2001 में रिलीज किया गया था। इसके बावजूद इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल अभी भी बहुत सारी कंपनियों में किया जा रहा है, क्योंकि सिस्टम अपग्रेडेशन में काफी पैसा खर्च होगा, जिसे बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। सिस्टम अपग्रेडेशन में यह देरी हैकरों का काम आसान कर सकती है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के अन्य तीन वर्जन (विंडोज 7, विंडोज 8 और विंडोज विस्टा) के लिए अपडेट देती रहेगी, इसलिए उसका इस्तेमाल करके एक्सपी की कमियों को ढूढ़ना आसान हो जाएगा, जो हैकरों के लिए विंडोज एक्सपी पर हमला करने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
सैन फ्रैंसिस्को में कम्प्यूटर सिक्योरिटी को लेकर हुई एक कॉन्फ्रेंस में माइक्रोसॉफ्ट के डायरेक्टर टिमोथी रेन्स (Timothy Rains) ने कहा कि विंडोज 7, विंडोज 8 और विंडोज विस्टा के सिक्योरिटी अपडेट्स का इस्तेमाल करके विंडोज एक्सपी पर हमले की संभावना 100 प्रतिशत है।

विंडोज एक्सपी का सपोर्ट खत्म करने का ये फैसला पिछले ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज 95 और विंडोज 98) का सपोर्ट खत्म करने से अधिक हो सकता है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने कहा कि पूरी दुनिया में कम्प्यूटरों की संख्या काफी हद तक बढ़ गई है और गरीब देशों में इसका अधिक बुरा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, सपोर्ट बंद होने के बाद भी अगर कोई चाहे तो एक्सपी का पहले की तरह ही इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन कंपनी की तरफ से आपको किसी भी प्रकार का अपडेट नहीं दिया जाएगा। यदि आपके कम्प्यूटर पर कोई वायरस अटैक हो या फिर उसे कोई हैक कर ले, तो भी इसकी जिम्मेदारी सिर्फ यूजर की ही होगी।

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