Monday, June 16, 2014

एमबीए की 9000 सीटों पर आए 100 स्टूडेंट, अब मिली सीधे प्रवेश की छूट

कोटा। देशभर  में एमबीए कॉलेजों में एडमिशन के लिए हुई सीमेट-2014 प्रवेश परीक्षा इस साल पूरी तरह विफल हो गई है। राज्य के शिक्षा विभाग ने इस साल सभी 84 मैनेजमेंट कॉलेजों में एमबीए में प्रवेश लेने की सीधी छूट दे दी है। सीधा प्रवेश 30 जून तक लिया जा सकेगा। 9 हजार सीटें भरने के लिए हुई काउंसलिंग में 100 से भी कम स्टूडेंट ने एडमिशन लिया।
 राज्य समन्वयक डीएन व्यास के अनुसार, इसके बाद 15 मैनेजमेंट कॉलेजों ने इस साल सत्र बंद रखने के लिए आवेदन कर दिया। प्रतिदिन 3-4 कॉलेज सत्र बंद रखने के लिए विभाग को आवेदन कर रहे हैं। सीमेट के स्टेट कॉर्डिनेटर टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज भीलवाड़ा ने राज्य के स्टूडेंट्स को छूट दी है कि वे अंडर ग्रेजुएशन में 48 फीसदी माक्र्स पर भी एमबीए में सीधे एडमिशन ले सकते हैं। एमबीए में घटती रुचि के कारण राज्य में मात्र तीन साल में मैनेजमेंट कॉलेजों की संख्या घटकर इस साल 134 से 84 रह गई है।
क्यों हुआ ऐसा
> मार्केट में डिमांड बहुत कम और एमबीए ग्रेजुएट्स की संख्या ज्यादा।
> आईआईएम और प्रमुख प्राइवेट बी-स्कूलों की साख कई गुना बेहतर।
> प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पहले एडमिशन हो जाने से एमबीए कॉलेज खाली रह गए।
> साल में दो बार सीमेट होने के बावजूद छात्रों की रुचि नहीं।
ये कदम उठाने होंगे
> सरकार रेगुलेशन बनाए। कंट्रोलर की भूमिका छोड़कर फीस कॉलेजों को तय करने दे, जो कॉलेज अच्छा पढ़ाएंगे छात्र वहां जाएंगे।
> कॉलेज फैकल्टी को एआईसीटीई के नियमानुसार वेतन दें।
> सीमेट देने वाले अंतिम छात्र को भी प्रवेश मिल रहा है, फिर सीधे प्रवेश की छूट दी जा रही है, ऐसे में गुणवत्ता में सुधार कैसे होगा।
 

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